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Posted by
Dr. Neeraj Meel
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ख़बर गवाह
सीकर, 12 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार 12 नवंबर को आयोजित होने वाली चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में बुधवार को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धर्मराज मीणा के द्वारा सीकर न्यायक्षेत्र स्थित राष्ट्रीकृत एवं निजी बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधिगणों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सचिव ने बताया निर्धारित तिथि को ऑफलाईन के साथ-साथ ऑनलाईन माध्यम से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में धारा 138 एन.आई.एक्ट, सिविल प्रकरण, एम.ए.सी.टी. प्रकरण, पारिवारिक प्रकरण एवं फौजदारी राजीनामे योग्य अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। जिसके संबंध में बैंक एवं वित्तीय संस्थान के धन वसूली के लम्बित सिविल मामलों (सिविल वाद इजाय, आर्बिट्रेशन अवार्ड की इजराय) एवं धारा 138 एन.आई. एक्ट के फौजदारी मामलों (केवल रूपये 10 लाख तक की राशि के मामले) के साथ-साथ इसी प्रकृति के प्री-लिटिगेशन श्रेणी के मामलों के लिए प्री-काउंसलिंग कैम्प 17 से 21 अक्टूबर एवं 31 अक्टूबर से 05 नवंबर के मध्य आयोजित किये जायेगी।
उन्होंने मीटिंग में उपस्थित बीमा कम्पनियों को अपने अधिकाधिक प्रकरणों को लोक अदालत में रखवाये जाने एवं पक्षकारान् को अपने प्रकरण का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से करवाने के संबंध में चर्चा की गई साथ ही 12 नवबंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक,बीमा कम्पनियों द्वारा अपने समस्त प्रकरण RSLSA-22 प्लेटफार्म http://rslsa.jupitice.com/ के माध्यम से दर्ज किये जाने के संबंध में निर्देश भी प्रदान किये गये तथा बैंक,बीमा कम्पनियों द्वारा 05 नवंबर से पूर्व अपने सभी प्री-लिटिगेशन प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में रैफर करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन, आयोजन एवं लोक अदालत के समय आने वाली परेशानी एवं उनके निवारण के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।
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