नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से हालात बिगड़े हैं। 105 भारतीयों समेत 384 यात्री लापता बताए गए हैं। भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता भेजी है।
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काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास अचानक आए बाढ़ के सैलाब और मलबे ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर सामने आई है।
इस मुश्किल घड़ी में भारत ने नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर आपदा में हुई जनहानि पर संवेदना जताई और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
नेपाल के लिए भारत की राहत सहायता
भारत की ओर से नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राहत सामग्री में जरूरी दवाएं, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।
भारतीय एजेंसियां नेपाल के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय में हैं, ताकि राहत सामग्री को प्रभावित क्षेत्रों तक जल्द पहुंचाया जा सके। भारतीय वायुसेना के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
105 भारतीयों समेत 384 यात्री लापता
नेपाल में आई इस आपदा के बीच बड़ी संख्या में पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती सूची के मुताबिक 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय एजेंसियां भी नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में हैं।
बाढ़ की वजह क्या रही?
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में बर्फ और चट्टानों के खिसकने से बने मलबे के सैलाब को संभावित कारण बताया गया है।
कुछ रिपोर्टों में ग्लेशियल झील के फटने यानी Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) की आशंका का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, घटना के सटीक कारण की अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। ऐसे में फिलहाल इसे निश्चित रूप से केवल 'ग्लेशियर फटने' की घटना कहना उचित नहीं होगा।
संकट की घड़ी में नेपाल के साथ भारत
नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। भारत की ओर से दी जा रही मानवीय सहायता को दोनों देशों के बीच सहयोग की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान यह भरोसा दिलाया है कि भारत इस कठिन समय में नेपाल और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
राहत अभियान आगे बढ़ने के साथ लापता लोगों की संख्या और नुकसान के आंकड़ों में बदलाव संभव है। स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं।
नोट: नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए लापता लोगों की संख्या और अन्य आंकड़ों में आगे बदलाव हो सकता है।
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