तेजा दशमी और रामदेव जयंती एक ही दिन, 21 सितंबर को मनेंगे दोनों पर्व, जानें राजस्थान के लिए क्यों खास है यह दिन
राजस्थान की लोक आस्था और संस्कृति से जुड़े दो प्रमुख पर्व तेजा दशमी और रामदेव जयंती इस बार एक ही दिन मनाए जाएंगे। साल 2026 में दोनों पर्व सोमवार, 21 सितंबर को पड़ रहे हैं। राजस्थान की अवकाश सूची में भी 21 सितंबर को तेजा दशमी और रामदेव जयंती का अवकाश दर्ज है।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाई जाने वाली तेजा दशमी राजस्थान के लोकदेवता वीर तेजाजी को समर्पित है। वहीं इसी दिन बाबा रामदेवजी की जयंती मनाई जाती है। दोनों ही पर्व राजस्थान की लोक परंपरा, आस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में विशेष महत्व रखते हैं।
तेजा दशमी पर वीर तेजाजी की पूजा
तेजा दशमी के दिन प्रदेशभर में वीर तेजाजी के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस अवसर पर मेले और धार्मिक आयोजन भी होते हैं। वीर तेजाजी को लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है और लोक परंपरा में उन्हें विशेष रूप से सर्पदंश से रक्षा करने वाले देवता के रूप में भी माना जाता है। राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में तेजाजी के मंदिरों पर श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई स्थानों पर भजन, लोकगीत और पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
बाबा रामदेवजी की जयंती भी 21 सितंबर को
इसी दिन राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवता बाबा रामदेवजी की जयंती भी मनाई जाएगी। रामदेवजी की प्रमुख धाम रुणिचा (रामदेवरा) में इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाबा रामदेवजी की लोक आस्था का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक समरसता और मानव कल्याण से जुड़ा माना जाता है। राजस्थान की लोक संस्कृति में रामदेवजी की भक्ति का विशेष स्थान है।
2026 में क्यों खास है 21 सितंबर?
2026 में तेजा दशमी और रामदेव जयंती का एक ही दिन पड़ना इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों पर्व राजस्थान की लोक आस्था से गहराई से जुड़े हैं। एक ओर जहां तेजाजी की वीरता और लोकविश्वास की परंपरा इस दिन से जुड़ी है, वहीं दूसरी ओर बाबा रामदेवजी की भक्ति और सामाजिक समरसता की परंपरा भी इसी दिन मनाई जाएगी।
राजस्थान में 21 सितंबर 2026 को सोमवार का दिन रहेगा। सरकारी अवकाश सूची में इस दिन रामदेव जयंती, तेजा दशमी और खेजड़ली शहीद दिवस दर्ज हैं।राजस्थान की लोक संस्कृति में ऐसे पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोक परंपराओं, मेलों, भजनों और पीढ़ियों से चली आ रही आस्था को जीवंत रखने वाले अवसर भी हैं। 21 सितंबर को प्रदेशभर में तेजाजी और बाबा रामदेवजी के मंदिरों में श्रद्धा का माहौल देखने को मिलेगा।
#khabar_gawah #Ramdevji #Tejaji #lokdevta #rajasthan #festivals

Comments
Post a Comment