यूपीआई पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी खबर, जानिए कब से और किन ट्रांजैक्शन पर देना पड़ सकता है अतिरिक्त शुल्क

 



यूपीआई के जरिए भुगतान करने वाले करोड़ों ग्राहकों और व्यापारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सरकार और संबंधित विभाग ने एमडीआर शुल्क को लेकर अपनी योजना में बदलाव किया है। पहले चर्चा थी कि यह शुल्क जल्द लागू हो सकता है, लेकिन अब इसे दिवाली तक टाल दिया गया है। इस फैसले से त्योहारों के दौरान खरीदारी करने वाले आम लोगों और छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है।

एमडीआर शुल्क पर नई अपडेट

यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लागू करने को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, अब यह नया नियम दिवाली के बाद ही प्रभावी होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के सीजन में डिजिटल लेनदेन की रफ्तार को बनाए रखना है। अगर यह शुल्क अभी लागू किया जाता, तो बाजार में इसका असर पड़ सकता था।

क्या होता है एमडीआर शुल्क

एमडीआर वह शुल्क है जो दुकानदार को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बदले बैंक को देना पड़ता है। अभी तक छोटे व्यापारियों के लिए यूपीआई लेनदेन पर यह शुल्क नहीं लगता है। बैंकों का मानना है कि यूपीआई ढांचे को बनाए रखने के लिए यह चार्ज जरूरी है। हालांकि, सरकार इसे इस तरह लागू करना चाहती है जिससे छोटे कारोबारियों पर बोझ न पड़े।

ग्राहकों और व्यापारियों पर असर

इस फैसले का सीधा असर डिजिटल लेनदेन करने वाले करोड़ों लोगों पर पड़ेगा। फिलहाल दिवाली तक ग्राहकों को पहले की तरह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के भुगतान करने की सुविधा मिलती रहेगी। व्यापारियों को भी डर था कि चार्ज लगने से उनके मुनाफे में कमी आएगी। सरकार इस मामले में सभी पक्षों से बातचीत कर रही है ताकि एक संतुलित रास्ता निकाला जा सके।

भविष्य की तैयारी

दिवाली के बाद जब एमडीआर को लेकर नई गाइडलाइंस आएंगी, तो उसमें यह साफ किया जाएगा कि यह शुल्क किस सीमा के बाद और किन श्रेणियों पर लगेगा। फिलहाल नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और वित्त मंत्रालय इस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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