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राजस्थान में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती, प्रसूताओं के लिए खत्म हुई रिप्लेसमेंट डोनर की शर्त
Posted by
Neeraj Meel
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image source- google
जयपुर। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में राजस्थान सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब सरकारी अस्पतालों में प्रसव के दौरान रक्त की आवश्यकता होने पर गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं के परिजनों को रिप्लेसमेंट डोनर की व्यवस्था नहीं करनी होगी। जरूरत पड़ने पर ब्लड बैंक से सीधे रक्त उपलब्ध कराया जाएगा।
मरीजों को मिलेगा तुरंत उपचार
राजस्थान स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अस्पतालों को आपात स्थिति में बिना किसी शर्त के रक्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे रक्त की व्यवस्था में होने वाली देरी कम होगी और गंभीर स्थिति में मरीजों का उपचार तुरंत शुरू किया जा सकेगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
हाल के महीनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत के कई मामले सामने आए। प्रारंभिक जांच में कुछ मामलों में समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने को भी एक प्रमुख कारण माना गया। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने नीति में बदलाव का फैसला लिया है।
पहले किन मरीजों को मिलती थी यह सुविधा?
अब तक बिना रिप्लेसमेंट डोनर के रक्त उपलब्ध कराने की सुविधा केवल कुछ विशेष श्रेणियों के मरीजों तक सीमित थी। इनमें थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीज, सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोग तथा 14 वर्ष से कम आयु की बच्चियां शामिल थीं। अब इस सूची में प्रसूताओं को भी जोड़ दिया गया है।
स्वैच्छिक रक्तदान पर रहेगा विशेष जोर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रहे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक स्तर पर स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाएगा। सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, कॉलेजों और युवाओं की भागीदारी से नियमित रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही दुर्लभ ब्लड ग्रुप वाले रक्तदाताओं का डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा।
मातृ सुरक्षा की दिशा में अहम पहल
सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रसव के दौरान रक्त की कमी के कारण होने वाली परेशानियां कम होंगी। समय पर रक्त उपलब्ध होने से इलाज में तेजी आएगी और मातृ मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
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