हाल ही में मध्य प्रदेश के उज्जैन में खड़े हनुमान जी की मूर्ति को लेकर कुछ अफवाह के वीडियो वायरल हुए जिनका स्पष्टीकरण देते हुए प्रशासन ने क्या कहा चलिए जानते हैं।
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हम आये दिन यह देखते हैं कि, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की जानकारी या वीडियो बिना किसी सबूत के तेजी से फैल जाती है और लोग उसे सच मान बैठे बैठते हैं हाल ही में उज्जैन में हनुमानजी की मूर्ति को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए जाने की खबर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वायरल वीडियो और पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रशासन द्वारा हनुमान जी की मूर्ति को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन मूर्ति अपनी जगह से नहीं हटी। मामला श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होने के कारण सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।
प्रशासन ने दिया स्पष्टीकरण
इस मामले में उज्जैन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हनुमान जी की मूर्ति को हटाने के लिए अभी तक किसी भी प्रकार का प्रयास नहीं किया गया है। उज्जैन के उच्च विभागीय मजिस्ट्रेट अनिल गर्ग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, कुछ लोग बिना पूरी जानकारी के सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां प्रसारित कर रहे हैं।
एसडीएम अनिल गर्ग ने यह भी कहा कि, आम लोगों को यह जानकारी देना जरूरी है कि आज तक इस मूर्ति को वहां से हटाने की कोई कोशिश नहीं की गई है और न ही इसे हटाने को लेकर कोई निर्णय या विचार किया गया है।
यदि विकास कार्य में मूर्ति को हटाना पड़ता है तो क्या करेगा प्रशासन
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, यदि भविष्य में विकास कार्य के चलते मूर्ति को स्थानांतरित करने की आवश्यकता सामने आती है, तो ऐसा कोई भी निर्णय सीधे तौर पर नहीं लिया जाएगा। इसके लिए पहले विशेषज्ञों और तकनीकी एक्सपर्ट्स की राय ली जाएगी। मूर्ति की संरचना और उसकी स्थिति को समझने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि विकास कार्य जरूरी हुआ, तो धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और लोगों की भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मूर्ति को उचित तरीके से किसी अन्य स्थान पर स्थापित करने को लेकर भी विचार किया जाएगा।
प्रशासन ने की जनता से अपील
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली ऐसी भ्रामक जानकारियों को बिना जांचे-परखे आगे प्रसारित न करें। इस तरह की सूचनाओं से समाज में अराजकता की स्थिति बन सकती है और लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो सकती हैं।
ऐसी वायरल अफवाह में सामान्य नागरिक की जिम्मेदारी क्या होती है
एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर यह हमारी भी जिम्मेदारी है कि किसी भी वायरल वीडियो या खबर को सत्यापित किए बिना आगे न बढ़ाएं। किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसके सही स्रोत और तथ्यों की जांच करना जरूरी है, ताकि समाज में गलत या नकारात्मक जानकारी फैलने से रोका जा सके।
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