राजस्थान में पर्यटन का बदला ट्रेंड, सीकर ने जयपुर को छोड़ा पीछे; 6 महीने में डेढ़ करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
राजस्थान में घरेलू पर्यटन के मामले में सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ दिया है। जनवरी-जून 2026 में सीकर में 1.56 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक विजिट दर्ज हुईं।
********************
राजस्थान को आमतौर पर जयपुर के महलों, उदयपुर की झीलों, जैसलमेर के रेगिस्तान और जोधपुर की विरासत के लिए जाना जाता है। लेकिन 2026 में राज्य के घरेलू पर्यटन की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। इस बदलाव में सीकर सबसे आगे निकल गया है। राजस्थान पर्यटन विभाग के जनवरी से जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, सीकर में 1,56,18,987 घरेलू पर्यटक विजिट दर्ज की गईं। इस आंकड़े के साथ सीकर राज्य में घरेलू पर्यटन के मामले में पहले पायदान पर पहुंच गया। वहीं राजधानी जयपुर में इसी अवधि के दौरान 81,49,183 घरेलू पर्यटक विजिट दर्ज हुईं।
खाटू श्यामजी से आगे बढ़ा सीकर का पर्यटन सर्किट
सीकर की इस बड़ी छलांग के पीछे सबसे बड़ा कारण धार्मिक पर्यटन माना जा रहा है। जिले में स्थित खाटू श्यामजी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र बन चुका है। लेकिन अब सीकर का पर्यटन सिर्फ खाटू श्यामजी तक सीमित नहीं है। जीण माता मंदिर, शाकंभरी माता मंदिर और हर्ष पर्वत जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थल भी लगातार लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। खाटू श्यामजी के साथ आसपास के धार्मिक स्थलों को जोड़कर एक व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित होने की संभावना भी बढ़ी है। पड़ोसी चूरू जिले का प्रसिद्ध सालासर बालाजी भी इस पूरे क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को प्रभावित करता है।
राजस्थान में 6 महीने में 10.92 करोड़ पर्यटक विजिट
राजस्थान में जनवरी से जून 2026 के बीच कुल 10,92,04,101 पर्यटक विजिट दर्ज की गईं। इनमें घरेलू पर्यटकों की संख्या 10,83,59,405 रही, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 8,44,696 दर्ज हुई। घरेलू पर्यटन के मामले में सीकर के बाद चित्तौड़गढ़ 1,33,75,121 विजिट के साथ दूसरे और जैसलमेर 1,18,34,038 विजिट के साथ तीसरे स्थान पर रहा। अजमेर करीब 99.28 लाख और जयपुर करीब 81.49 लाख घरेलू विजिट के साथ इसके बाद रहे।
विदेशी पर्यटकों की पसंद अब भी जयपुर
घरेलू पर्यटकों की रैंकिंग में भले ही सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ दिया हो, लेकिन विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर अलग है। जनवरी-जून 2026 में जयपुर में 2,56,293 विदेशी पर्यटक विजिट दर्ज हुईं। इसके बाद उदयपुर 1,84,045, जोधपुर 82,846 और जैसलमेर 66,433 विदेशी विजिट के साथ प्रमुख स्थानों पर रहे। इससे राजस्थान के पर्यटन में दो अलग-अलग ट्रेंड दिखाई देते हैं। विदेशी पर्यटकों का आकर्षण अभी भी महलों, किलों, विरासत और रेगिस्तानी पर्यटन की ओर ज्यादा है, जबकि घरेलू यात्रियों में धार्मिक पर्यटन की मांग तेजी से बढ़ रही है।
एक दिन की यात्रा से आगे बढ़ने की चुनौती
सीकर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के बावजूद एक बड़ी चुनौती भी सामने है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां आकर उसी दिन वापस लौट जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों की भारी संख्या का फायदा स्थानीय होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे व्यवसायों को पूरी तरह नहीं मिल पाता। अगर बेहतर आवास, सड़क, बिजली, पार्किंग, साफ-सफाई और दूसरी पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होता है, तो सीकर में पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
खाटू में बढ़ रहा डेस्टिनेशन वेडिंग का ट्रेंड
सीकर के पर्यटन को एक और नया आयाम मिल रहा है। खाटू श्यामजी में धार्मिक भावनाओं से जुड़ी डेस्टिनेशन वेडिंग का ट्रेंड भी बढ़ने की बात सामने आई है। अब तक राजस्थान में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे शहर ज्यादा लोकप्रिय रहे हैं। लेकिन खाटू में धार्मिक माहौल और आस्था से जुड़ा अनुभव ऐसे परिवारों को आकर्षित कर रहा है जो शादी के साथ धार्मिक आयोजन को भी महत्व देते हैं। इसका असर आने वाले समय में होटल, रिसॉर्ट, बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग और इवेंट इंडस्ट्री पर भी दिखाई दे सकता है।
हर्ष पर्वत में ईको-टूरिज्म की संभावना
सीकर का पर्यटन भविष्य केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है। हर्ष पर्वत को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना पर काम की संभावना जताई गई है। यहां प्राचीन शिव मंदिर के साथ प्राकृतिक वातावरण मौजूद है। अगर धार्मिक पर्यटन को प्रकृति और एडवेंचर आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाता है, तो सीकर में पर्यटकों के ठहरने के लिए एक नया कारण तैयार हो सकता है। इसके अलावा शेखावाटी की हवेलियां और ऐतिहासिक वास्तुकला सीकर के पर्यटन को धार्मिक सर्किट से आगे ले जाने की क्षमता रखती हैं।
सीकर के लिए बड़ा मौका
सीकर का आंकड़ों में नंबर-1 बनना केवल पर्यटन की उपलब्धि नहीं है, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा अवसर है। अगर बढ़ती पर्यटक संख्या के साथ बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाता है, तो सीकर एक ऐसे पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है जहां आस्था, विरासत, प्रकृति और स्थानीय संस्कृति एक साथ देखने को मिले। फिलहाल आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि राजस्थान के घरेलू पर्यटन का केंद्र तेजी से बदल रहा है और इस बदलाव में सीकर सबसे आगे दिखाई दे रहा है।
Tags: #khabar_gawah #Sikar_Tourism #Sikar_News #Rajasthan_Tourism #Sikar #Sikar_Latest_News #Rajasthan_Tourist_Places
हाल ही में प्रकाशित स्टोरी-
- सीकर ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड, अब एशिया में होगी चर्चा!
- 1 सितंबर से बदलेंगे LPG समेत ये 7 बड़े नियम, जाने क्या होगा आमजन पर असर?
- ट्रेन में लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने का हक किसका? जानिए रेलवे का नियम, यात्रियों को पता होनी चाहिए ये बातें
- स्कूल की घंटी के साथ जंक फूड पर भी ब्रेक! राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, गेट से 50 मीटर तक बिक्री बंद
- भारत की ‘तीसरी आंख’ कहे जा रहे EOS-05 की क्या है खासियत? जानिए पूरी जानकारी
- सीकर में बनेगा चौधरी चरणसिंह की विरासत का नया केंद्र, जयंत चौधरी बोले—‘प्रतिमा नहीं, विचारों का जीवंत प्रतिबिंब हो स्मारक’
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------
(आप हमें Facebook, X, Instagram, YouTube और Whatsapp पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)
Any Error? Report us
Contents May Subject to copyright
Disclaimer: We cannot guarantee the information is 100% accurate

Comments
Post a Comment