बादलों की ओट में छिपा हो चांद तो ऐसे पूरा करें करवा चौथ

     Image Source: Ai Generated

आज करवा चौथ  के चाँद पर बादल मंडरा रहे हैं और ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए बड़ी परीक्षा हो सकती है। ऐसा होने पर कैसे दें चंद्रमा को अर्घ्य जानें शास्त्र सम्मत और आसान विकल्प या यूँ कहें कि करवा चौथ पर अगर न दिखे चांद तो क्या हैं अचूक तरीके कि न टूटे आपका कठिन व्रत और नियम? तो आइये जाने आज बादलों की ओट में छिपा हो चांद तो कैसे पूरा करें करवा चौथ का पूजन? क्या चांदी और चंदन से बनेगा काम? Clouds are hovering over the moon this Karwa Chauth, posing a significant challenge for women observing the fast. In such a situation, how should one offer "arghya" (libation) to the moon? Discover simple, scripturally-sanctioned alternatives or, in other words, learn the effective methods to ensure your rigorous fast and its associated rituals remain intact even if the moon is not visible. Let us explore how to complete the Karwa Chauth "puja" (worship) if the moon remains hidden behind the clouds, can using silver and sandalwood serve the purpose?

*******************


    करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पूरे दिन निर्जला रहकर रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद ही यह व्रत संपन्न होता है। कई लोग Karva chauth 2026 wishes भी देते हैं और वो महिलाएं जो व्रत रख रही हैं उनके साथ उनके घरवाले भी Karwa chauth moon rise time पर नज़र रखे हुए है और आज सीकर सहित कई जगहों पर मौसम खराब है, आसमां पर बादल छाए हुए हैं और एसा कई बार होता भी है कि खराब मौसम, बारिश या घने बादलों की वजह से चांद नजर नहीं आता है। ऐसी स्थिति में महिलाओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शास्त्रों में इसके कई विकल्प बताए गए हैं।


चांदी के चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि

    यह एक प्राचीन परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है। अगर आसमान में चांद नहीं दिख रहा है, तो एक साफ थाली में थोड़ा जल भरें। इसमें चांदी का सिक्का, चांदी का छोटा चंद्रमा या चांदी की अंगूठी रखें। चांदी को चंद्रमा का ही स्वरूप माना जाता है। अब तांबे के लोटे में शुद्ध जल, कच्चा दूध, गंगाजल, अक्षत और कुमकुम मिलाएं। पूर्व दिशा की ओर मुख करके चांदी के टुकड़े को चंद्रमा मानकर अर्घ्य दें। इसके बाद छलनी से दीपक और फिर चांदी के चंद्रमा को देखकर पति के दर्शन करें।

राजस्थान में करवा चौथ के साथ 4 बड़ी चौथ का महत्व

सफेद चंदन से चंद्रमा की आकृति बनाना

    आजकल यह विधि काफी प्रचलित है क्योंकि चंद्रमा को शीतलता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर सफेद चंदन को गुलाब जल में घिसकर गोल चंद्रमा का चित्र बनाएं। इस आकृति पर कुमकुम और अक्षत लगाएं। इसे जीवंत रूप देने के लिए छोटी आंखें और मुस्कान भी बना सकते हैं। इसके बाद दीपक जलाकर छलनी से इस आकृति के दर्शन करें। मंत्रों का जाप करते हुए अर्घ्य देने से व्रत का पूरा फल मिलता है और मन को संतोष प्राप्त होता है।


दिशा को मानकर अर्घ्य देने का सरल उपाय

    अगर आपके पास चांदी या चंदन उपलब्ध नहीं है, तो पंचांग के अनुसार अपने शहर में चंद्रोदय के समय का पालन करें। जिस समय चांद निकलने का वक्त हो, उस समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हो जाएं। मन में यह कल्पना करें कि चंद्रमा बादलों के पीछे मौजूद हैं और आपको आशीर्वाद दे रहे हैं। ऊंचाई से जल की धारा गिराते हुए प्रार्थना करें और 11 बार मंत्रों का जाप करें। ध्यान रखें कि अर्घ्य का जल किसी पौधे या साफ स्थान पर ही गिरे।


व्रत खोलते समय सावधानी

    बिना अर्घ्य दिए कभी भी व्रत नहीं खोलना चाहिए। पूजा संपन्न होने के बाद पति के हाथ से जल पीकर और मिठाई खाकर ही उपवास तोड़ें। अगर आपने चंदन से चंद्रमा बनाया है, तो अगले दिन उस आकृति को जल में विसर्जित कर दें। शास्त्रों के अनुसार, भक्ति में भाव सबसे बड़ा होता है। अगर आपका विश्वास सच्चा है, तो बादलों के पीछे छिपे चंद्रमा भी आपकी प्रार्थना स्वीकार करते हैं।

Disclaimer: एक जरूरी बात: लेख में चांदी के चंद्रमा, चंदन की आकृति या दिशा की ओर अर्घ्य देने को शास्त्रों में प्रमाणित और निश्चित रूप से फलदायी उपाय बताने से पहले किसी विश्वसनीय धार्मिक स्रोत से पुष्टि कर लें। अलग-अलग परंपराओं में विधि भिन्न हो सकती है।


Tags : #Khabar_gawah    #Karwa_chouth    #Karwa_chouth_chand    #Chandroday                                    #Karwa_chouth_pooja #अर्घ्य 


Comments