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Posted by
Dr. Neeraj Meel
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ख़बर गवाह
कलेक्टर से पूछे बालिकाओं ने सवाल
सीकर 24 जनवरी। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन महिला अधिकारिता एवं चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामीण शिक्षण संस्थान शिवसिंहपुरा में कार्यक्रम संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आर्कषण विद्यालय व कॉलेज की बालिकाओं द्वारा जिला कलेक्टर डॉ.अमित यादव से सवाल पूछना रहा। बालिकाओं ने उत्सापूर्वक इस प्रश्नोत्तरी में भाग लिया एवं कलेक्टर से कई सवाल पूछे, जैसे प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कैसे करें, क्या प्रथम प्रयास में आई.ए.एस बना जा सकता है, कलेक्टर बन कर कैसा अनुभव होता है, बालिका उत्थान के लिए सरकार की क्या योजनाएं है, बालिकाएं सुरक्षित एवं सशक्त कैसे बनें आदि। जिला कलेकटर डॉ. अमित यादव द्वारा प्रत्येक सवाल का जवाब बहुत ही रूचिपूर्ण तरीके से प्रश्नों की गंभीरता व बालिकाओं की जिज्ञासा के मद्देनजर दिया गया जिससे बालिकाओं को बहुत ही प्रेरणा मिली। प्रश्नोत्तरी में उत्कृष्ट तीन सवालों के लिए बालिकाओं को पुरस्कृत किया गया एवं प्रश्नोत्तरी में भाग लेने वाली सभी बालिकाओं को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने कहा कि उनकी सफलता में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उनकी माताजी की है तथा उन्होंने बालिकाओं से कहा की आज साइंस जैसे विषय पर ध्यान देकर साइंटिफिक टेंप्रामेंट का विकास करना बहुत जरूरी है ताकि समाज से सामाजिक कुरूतियो को खत्म करके बालिकाओं के लिए समानता वाला समाज तैयार किया जा सके और हमें बालिका भ्रूण हत्या के विरुद्ध बने पीसीपीएनडीटी जैसे नियमों की जरूरत ही ना पड़े ।
जिला कलेक्टर डॉ. यादव ने बालिकाओं के प्रशासनिक सेवाओं की तैयारियों से संबंधित प्रश्नों के जवाब देते हुए बताया सिविल सर्विसेज में आने के लिए आपका खुद का मोटिवेशन होना चाहिए तथा सलाह देते हुए कहा कि जो विषय आप अपने ग्रेजुएशन में पड़ रही है उनको अच्छे से पढ़े, जीके पर ध्यान देकर रोज न्यूजपेपर पढ़े तथा तैयारी में अपना बेस्ट एफर्ट दें। हर दिन सीखने की लालसा रखे और सीखना कभी बंद ना करें, हर रोज कुछ ना कुछ नया सीखें ।
जिला कलेक्टर डॉ. यादव ने कहा की बालिका उत्थान के लिए राज्य सरकार ने अनेक योजनाएं चला रखी है जिनमे उड़ान योजना द्वारा 18-45 आयु वर्ग की किशोरियों और महिलाओं को प्रतिमाह 12 सेनेटरी नैपकिन का निःशुल्क वितरण होता है तथा महिलाओं को स्वालंबी बनाने के लिए राजीविका और इंदिरा महिला उद्यम प्रोत्साहन योजना चला रखी है तथा राज्य सरकार ने जन आधार कार्ड द्वारा परिवार की मुखिया महिलाओं को बनाया है, जो महिला सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा महिला अधिकारिता विभाग की ओर से बेटी बचाओं, बेटी—पढ़ाओं'विषय पर स्लोगन एवं पेास्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया एवं विजेता छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। विजेता छात्राओं में राखी, रौनक, मोनिका, खुशी, सेजल,रिंकू, ज्योति एवं तेजस्विनी रही।
बेटी—बचाओं—बेटी पढ़ाओं विषय पर एक शॉट फिल्म का प्रदर्शन नंदलाल पूनिया पी.सी.पी.एन.डी.टी कार्डिनेटर द्वारा करवाते हुए इस विषय पर प्रकाश डाला गया एवं मुख्य चिकित्स व स्वास्थ्य अधिकारी निर्मल सिंह व आर.सी.एच.ओ. राजीव ढाका द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य व सशक्तिकरण पर विचार व्यक्त किये गये। कार्यक्रम का संचालन सरोज लोयल डाईट व्याख्याता द्वारा किया गया एवं सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन संस्थान अध्यक्ष झाबरमल के द्वारा किया गया एवं संस्थान सचिव डॉ. आरके सिंह ने संस्थान के कार्यो पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में बी.एल.मील, राजीव महला, संस्थानों के प्रिंसीपल, व्याख्याता एवं अन्य स्टॉफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में जिला कलेक्टर द्वारा संस्थान के अध्यक्ष को स्मृति चिन्ह भेंट कर महिला सशक्तिकरण में योगदान के लिए सराहा गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया।
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