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प्रचार सामग्री मुद्रण में निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना करें प्रिंटर्स : जिला निर्वाचन अधिकारी स्वामी
Posted by
Dr. Neeraj Meel
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सीकर व नीमकाथाना जिले के प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक संपन्न
सीकर 28 सितम्बर। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर सौरभ स्वामी की अध्यक्षता में गुरूवार को जिला परिषद सभागार में आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 के मद्देनजर सीकर व नीमकाथाना जिले के सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक आयोजित की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रिंटिंग प्रेस संचालकों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स में मुद्रक का नाम, पता अनिवार्य रूप से अंकित करने, छपाई की सही-सही जानकारी प्रदान करने आदि के संबंध में चर्चा की। साथ ही नियमों का पालन नहीं करने पर की जाने वाले प्रावधानों के बारे में बताया। बैठक में आरपी एक्ट 1951 की धारा 127 ए तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी सीकर राकेश कुमार ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों की अक्षरशः पालन करना आवश्यक है। विभिन्न प्रावधानों के पीछे आयोग की मंशा है कि निर्वाचन के दौरान प्रचार-प्रसार पर किया जाने वाला व्यय प्रत्याशी के खर्च में शामिल हो तथा आदर्श आचार संहिता की पालन हो। इसके लिए जरूरी है कि सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालक नियमों का पालन करें। प्रकाशक की पहचान की घोषणा उनके द्वारा हस्ताक्षरित एवं अन्य निर्देशों का पालन किए जाने पर ही कोई सामग्री मुद्रित की जा सकेगी।
निर्वाचन व्यय प्रकोष्ठ नोडल अधिकारी एवं लेखाधिकारी एनआर ढाका ने बैठक में प्रिंटिंग प्रेस संचालकों से कहा कि प्रत्येक मुद्रित सामग्री की प्रतियां जिला मजिस्ट्रेट को उपलब्ध करवानी होगी। उन्होंने कहा कि उप धारा (1) तथा उप धारा (2) के उल्लंघन पर 6 महीने तक का कारावास तथा दो हजार रुपए तक का जुर्माने की सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि आरपी एक्ट एवं निर्वाचन आयोग के अनुदेशों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा, उस पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी तथा राज्य के संगत कानूनों के तहत कुछ मामलों में प्रिंटिंग प्रेस के लाइसेंस का प्रतिसंहरण भी हो सकता है।
इस मौके पर सहायक निदेशक (जनसंपर्क) पूरण मल ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों की अक्षरशः पालना करना आवश्यक है। विभिन्न प्रावधानों के पीछे आयोग की मंशा है कि निर्वाचन के दौरान प्रचार-प्रसार पर किया जाने वाला व्यय प्रत्याशी के खर्च में शामिल हो तथा आदर्श आचार संहिता की पालना हो। इसके लिए जरूरी है कि सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालक नियमों की पालना करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पैंफलेट, पोस्टर पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम व पता होना चाहिए। प्रकाशक की पहचान की घोषणा उनके द्वारा हस्ताक्षरित एवं दो व्यक्तियों द्वारा सत्यापित किए जाने पर ही कोई सामग्री मुद्रित की जा सकेगी।
इस दौरान सहायक निदेशक प्रशासनिक सुधार विभाग इंदिरा शर्मा, लेखाधिकारी सरिता, प्रधानाचार्य चन्द्र प्रकाश महर्षि सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रिंटिंग प्रेस संचालक मौजूद थे।
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