सीकर। दिनांक 19 अप्रैल 2025 शनिवार की सुबह शहर में गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी का ससंघ भव्य मंगल प्रवेश सन्मति बालिका विद्यालय दंग की नशिया में हो गया। मंगल प्रवेश के दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला पुरुषों ने माताजी की अगवानी कर धर्म लाभ अर्जित किए। किशोर संगही ने बताया कि माताजी लाडनू से पद बिहार करके सीकर पधारे इस दौरान सर्वप्रथम सीकर में सालासर रोड स्थित आचार्य धर्म सागर जी महाराज की समाधि स्थल के दर्शन किए तत्पश्चात भारतीयों के मोहल्ले में स्थित श्री दिगंबर जैन महावीर स्वामी मंदिर में प्रदर्शन किया साथ ही मोचीवाड़ा में स्थित चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर के दर्शन किए। जैसे ही माताजी ने प्रवेश किया तो जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।
प्रियंक गंगवाल ने बताया कि इस दौरान जैन श्रावकों ने जगह-जगह पाद-प्रक्षालन कर किया गया। इसके बाद माताजी ने पार्श्वनाथ मन्दिर दंग की नशिया के प्रवचन हाल में जैन श्रावकों को तत्व ज्ञान के बारे में समझाते हुए मिलजुल कर रहने का संदेश दिया माताजी ने कहा कि आचार्य देशभूषण जी महाराज दक्षिण के थे और आचार्य धर्म सागर जी महाराज उत्तर के थे दोनों साधुओं की दीक्षा साथ हुई थी और दोनों की समाधि में केवल एक माह का अंतर था। माता के प्रवचन के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
इस दौरान श्रावकों के आग्रह पर माताजी ने आगामी 22 अप्रैल को आचार्य धर्म सागर जी महाराज की समाधि दिवस सीकर में मनाने मनाए जाने की स्वीकृति प्रदान की। माताजी के आहार के लिए समाज की माता बहनों ने चौके की व्यवस्था की। माताजी के प्रवेश में सकल दिगंबर जैन समाज के धर्म प्रेमी बंधु उपस्थित थे आर्यिका ससंघ आर्यिका अनन्तमती माताजी और महोत्सवमती माताजी है।
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