महात्मा ज्योतिबा फुले संस्थान में मानवाधिकार दिवस: छात्राओं ने नाटकों से उठाए अधिकारों के मुद्दे

 

सीकर, 10 दिसंबर। महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षण संस्थान, सीकर में ‘मानवाधिकार दिवस’ के उपलक्ष्य में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. जितेंद्र देव ढा़का (प्रोफेसर, राजकीय कला महाविद्यालय, सीकर), संस्थान सचिव डॉ. ओ.पी. सैनी, नीलम कुमारी (महिला अधिकारिता विभाग) तथा एडवोकेट कृष्णा सोनी (पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र प्रबंधक) ने मां शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम के दौरान सावित्रीबाई फुले पीजी महिला महाविद्यालय एवं शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की छात्राओं ने मानवाधिकारों की विभिन्न समकालीन चुनौतियों को प्रभावी ढंग से उजागर करते हुए दो नाटक प्रस्तुत किए।

मुख्य अतिथि डॉ. जितेंद्र देव ढा़का ने अपने संबोधन में मानवाधिकारों के ऐतिहासिक पहलुओं को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर, 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया गया था, इसीलिए यह दिवस इस तिथि पर मनाया जाता है। उन्होंने हंसा मेहता और लक्ष्मी मेनन जैसी भारतीय महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इन अधिकारों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सतत प्रयत्नशील रहना आवश्यक है। उन्होंने भाषा के आधार पर होने वाले भेदभाव जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का समापन संस्थान सचिव डॉ. ओ.पी. सैनी ने सभी आगंतुकों, विशेषज्ञों एवं छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सरिता सैनी एवं निकिता जांगिड़ ने किया।


Any Error? Report  

Contents May Subject to copyright 

Disclaimer: We cannot guarantee the information is 100% accurate

Comments