राजस्थान की श्रीमती डॉ. रानी सिंह विकास चौधरी ने 17 मार्च से 21 मार्च तक आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रेरणादायक यात्रा प्रस्तुत की। इस पेजेंट प्रतियोगिता का भव्य आयोजन दिल्ली के फेयरली होटल एंड रिसॉर्ट्स में हुआ। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर जयपुर और सीकर की समृद्ध, रॉयल और पारंपरिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बताया की अपने पिताजी प्रो. डॉ रामा प्रसाद की सीख को अपनाते हुए उन्होंने हमेशा आत्मविश्वास को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बनाया Iइस जीत के पीछे ससुराल का अटूट विश्वास भी उतना ही मजबूत सहारा रहाI डॉ. रानी सिंह जयपुर की रहने वाली हैं और उनका ससुराल सीकर के श्यामपुरा पूर्वी, तहसील दांतारामगढ़ में है। वे स्वर्ण पदक विजेता हैं तथा उन्हें पूर्व में यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले वे शेखावाटी विश्वविद्यालय में संविदा सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत थीं और वर्तमान में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में सहायक आचार्य के रूप में कार्यरत हैं।
ग्रैंड फिनाले में भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाली फाइनलिस्ट शामिल हुए थे। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों—प्रतिभा, पारंपरिक, साक्षात्कार, विचार-विमर्श और अंतिम दौर—में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए डॉ. रानी सिंह ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया और अंततः विजय प्राप्त की। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने प्रतिष्ठित वीजी मिसेस इंडिया ग्लोबल आइकन में “वीजी मिसेस इंडिया ग्लोबल आइकन राजस्थान क्वीन 2026” का खिताब अपने नाम किया।
उन्होंने कहा कि जब एक लड़की अपनी आवाज़ पहचानती है, तो समाज अपना भविष्य पहचानता है। युवाओं के साथ काम करते हुए उन्हें भारत की नई शिक्षा नीति के उस दृष्टिकोण की याद आती है, जिसका उद्देश्य बदलती दुनिया के अनुरूप युवाओं को तैयार करना है। उनका मानना है कि यदि हमें अपने विद्यार्थियों को बहुआयामी बनाना है, तो शिक्षकों को स्वयं भी बहुआयामी और गतिशील बनना होगा।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षिका के रूप में वे सदैव अपने आचरण से मार्गदर्शन देने में विश्वास रखती हैं, क्योंकि केवल उदाहरण देने के बजाय स्वयं उदाहरण बनना अधिक प्रभावी होता है। साथ ही ग्रामीण छात्राओं के साथ काम करते हुए उन्होंने उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल ताज जीतना नहीं, बल्कि अपनी कहानी के माध्यम से युवाओं, विशेषकर छात्राओं को आत्मविश्वासी और भविष्य में सक्षम बनाना है, जिससे कि वे अपनी प्रतिभाओं को पहचान सकें।
Contents May Subject to copyright
Disclaimer: We cannot guarantee the information is 100% accurate
.jpeg)
Comments
Post a Comment