- Get link
- X
- Other Apps
Posted by
Dr. Neeraj Meel
on
- Get link
- X
- Other Apps
राजस्थान रोडवेज चूरू आगार के परिचालक सुरेन्द्र कुमार के साथ हुई मारपीट की घटना ने राजस्थान रोडवेज कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया घटना को तीन दिन बीत जाने के बाद भी अवैध/निजी वाहन संचालन के सरगनाओं को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सीटू) के प्रदेशाध्यक्ष रामदेवसिंह टाकरिया ने आज विज्ञप्ति जारी कर इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ इस तरह की मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चूरू जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।सीकर संभाग के विभिन्न आगारों में कर्मचारियों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए। सीकर आगार में केन्द्रीय बस स्टैंड पर राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन सीटू के प्रदेश उप महासचिव शिवदानाराम शेषमा एवं प्रदेश सचिव सावरमल यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर चूरू जिला प्रशासन को चेताया कि 24 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पूरे संभाग में आंदोलन तेज़ किया जायेगा। संगठन ने चेतावनी दी कि इसके तहत रोडवेज बसों का कभी भी चक्काजाम किया जा सकता है।विरोध प्रदर्शन में गोपाल स्वरूप जांगिड़, कृष्ण कुमार जोशी, धुडाराम गुर्जर, कुंभाराम चौधरी, सांवरमल यादव, रामदेव सिंह पुनिया, नेमीचंद जाखड़, गिरवर सिंह, सुवालाल गोदारा, भंवरलाल ओला, जमनालाल घोषल्या, अरविंद मील, ऑटो रिक्शा चालक यूनियन के महामंत्री दिलीप मिश्रा, ओमप्रकाश धां, लालचंद यादव, राजेंद्र गुर्जर, प्रदीप कुमार, नारायण सिंह सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने सीकर आगार के मुख्य प्रबंधक दीपक कुमावत से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य प्रबंधक को आगाह करते हुए कहा कि समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो सीकर आगार के कर्मचारी चूरू आगार संघर्ष समिति के आव्हान पर चक्काजाम में शामिल हो सकते हैं। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य प्रबंधक से रोडवेज उच्च प्रशासन को अवगत कराने तथा चूरू जिला प्रशासन को आंदोलन से अवगत कराने का आग्रह किया है।ज्ञातव्य है कि चूरू-झुंझुनूं रूट पर अवैध निजी वाहन संचालकों द्वारा रोडवेज कर्मचारियों के साथ मारपीट की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी चूरू डिपो में इस प्रकार की घटनाएं होती रही हैं। रोडवेज प्रबंधन से अपील की गई है कि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
(आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
Contents May Subject to copyright
Disclaimer: We cannot guarantee the information is 100% accurate

Comments
Post a Comment