आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (सीटू) के बैनर तले फतेहपुर परियोजना की सभी सेक्टरों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने आज भीषण गर्मी एवं लू के बावजूद सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ सीडीपीओ कार्यालय से उपखंड कार्यालय तक भव्य रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर 'न्याय दो, मानदेय बढ़ाओ', 'सरकारी दर्जा दो' जैसे नारे लगाते हुए जमकर विरोध दर्ज कराया।
सीटू जिला महामंत्री बृजसुंदर जांगिड़ ने उपखंड कार्यालय पर आयोजित सभा में कहा कि आज पूरे देश में 'काला दिवस' मनाया जा रहा है और फतेहपुर में भी केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए कहा: "सरकार की टालमटोल नीति से आंगनबाड़ी कर्मी बुरी तरह आहत हैं। 6 दिसंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मानदेय बढ़ोतरी, ग्रेच्युटी और FRS हटाने सहित कई मांगें मानने का आश्वासन दिया था, लेकिन 7 महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब हम 2018 से लंबित मानदेय बढ़ोतरी तत्काल करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा और 26,000 रुपए प्रतिमाह न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर संघर्ष करेंगे।"यूनियन की जिला महामंत्री विद्या कंवर ने सभा को संबोधित करते हुए तीखा आरोप लगाया कि विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कर्मियों को उनके निर्धारित कार्यों के अलावा सैनिटरी नैपकिन ऑनलाइन वितरण, जनगणना, उड़ान योजना जैसे अन्य कार्यों में दबाव बनाकर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा-"हम महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्धारित सेवा कार्य ही करेंगे। चार साल से ज्यादा होने के बावजूद नए मोबाइल सेट नहीं दिए गए, जबकि पुराने सेट खराब हो चुके हैं। ऑनलाइन काम के लिए महज 166 रुपए मासिक रिचार्ज दिया जाता है, जबकि इतने में कोई भी कंपनी एक माह का रिचार्ज नहीं देती। इसके अलावा शहर व गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों का भुगतान बाजार दर के अनुसार नहीं होने से केंद्र संचालन मुश्किल हो गया है।"
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