NEET परीक्षा विवाद: CJP प्रतिनिधिमंडल से दो घंटे चली बैठक, सरकार को सौंपीं 3 प्रमुख मांगें और 5 सुधार सुझाव


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NEET परीक्षा विवाद: CJP प्रतिनिधिमंडल से दो घंटे चली बैठक, सरकार को सौंपीं 3 प्रमुख मांगें और 5 सुधार सुझाव

नई दिल्ली। देशभर में NEET परीक्षा को लेकर उठे सवालों और विरोध प्रदर्शनों के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विट्ठल पटेल हाउस में करीब दो घंटे तक प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की मांगों पर विस्तृत विचार-विमर्श करना रहा।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जेपी नड्डा ने बताया कि CJP की ओर से सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े पांच सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। सरकार इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है।


शनिवार को फिर होगी अहम बैठक

जेपी नड्डा ने जानकारी दी कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल से आपसी चर्चा पूरी करने का अनुरोध किया है। इसके बाद शनिवार दोपहर दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक होगी, जिसमें सरकार अपनी प्रारंभिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्ययोजना साझा करेगी। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद परीक्षा सुधारों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

CJP की ओर से कौन-कौन रहे मौजूद?

बैठक में CJP का प्रतिनिधित्व मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने किया। दोनों नेताओं ने छात्रों की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों को सरकार के सामने विस्तार से रखा और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


सरकार के सामने रखी गईं प्रमुख शर्तें

बैठक से पहले CJP ने बातचीत के लिए दो महत्वपूर्ण शर्तें रखी थीं—

- शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न की जाए।

- परीक्षा विवाद से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।

हालांकि संगठन अब भी अपनी प्रमुख मांग, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पर कायम है।

26 दिन बाद खत्म हुई सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल

इसी बीच परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे और सरकार की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन सौंपा।

बाद में सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो में कहा कि उन्होंने केवल मौखिक भरोसे पर नहीं, बल्कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

अब सबकी नजर शनिवार की बैठक पर

NEET परीक्षा विवाद को लेकर सरकार और CJP के बीच जारी संवाद को समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शनिवार को होने वाली अगली बैठक में सरकार का आधिकारिक रुख सामने आने की उम्मीद है, जिस पर देशभर के लाखों छात्र और अभिभावकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

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