Mobile Recharge Price Hike: मोबाइल रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों की जेब पर एक बार फिर बड़ा असर पड़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियां भले ही अभी किसी बड़े टैरिफ हाइक का ऐलान नहीं कर रही हों, लेकिन प्रीपेड प्लान्स में बदलाव के जरिए रिचार्ज का खर्च धीरे-धीरे बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसे में आने वाले महीनों में मोबाइल रिचार्ज और महंगा होने की चर्चा तेज हो गई है।
बिना ऐलान के महंगे हो रहे रिचार्ज
टेलीकॉम कंपनियों की ओर से जुलाई 2024 के बाद कोई बड़ी औपचारिक टैरिफ बढ़ोतरी घोषित नहीं की गई है। इसके बावजूद कई पुराने और सस्ते प्रीपेड प्लान्स को बंद किया जा रहा है या उनकी जगह महंगे विकल्प दिए जा रहे हैं। यानी ग्राहकों को पहले जितने ही फायदे लेने के लिए अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इसी वजह से इंडस्ट्री में इसे 'साइलेंट प्राइस हाइक' के तौर पर देखा जा रहा है।
Airtel ने हटाए कई सस्ते प्लान
Airtel ने अपने कई पुराने प्रीपेड प्लान्स को लिस्ट से हटा दिया है। इनमें ₹249, ₹299, ₹579, ₹619 और ₹649 वाले प्लान शामिल हैं। मसलन, ₹299 वाले प्लान में 28 दिनों के लिए रोजाना 1.5GB डेटा मिलता था। अब इसी तरह के फायदे के लिए ग्राहकों को करीब ₹349 का प्लान लेना पड़ सकता है। यानी समान जरूरत पूरी करने के लिए खर्च लगभग 16 फीसदी तक बढ़ गया।
Jio का नया दांव, ₹300 में Prime Membership
वहीं Jio ने सीधे तौर पर टैरिफ बढ़ाने के बजाय Jio Prime Membership को दोबारा पेश किया है। इसकी सालाना फीस ₹300 बताई गई है। मेंबरशिप अवधि के दौरान अगर कंपनी टैरिफ बढ़ाती है, तो मेंबर ग्राहकों को मौजूदा कीमतों पर प्लान लेने का फायदा मिल सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि भविष्य में कंपनी रिचार्ज की कीमतों में कब और कितनी बढ़ोतरी करती है।
अक्टूबर से दिसंबर में बढ़ सकती है कीमत
मार्केट रिसर्च और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुमानों के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच टेलीकॉम कंपनियां प्रीपेड टैरिफ में करीब 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो मोबाइल यूजर्स को कॉलिंग, डेटा और वैलिडिटी वाले प्लान्स के लिए पहले से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
हालांकि, यह फिलहाल अनुमान है। Jio, Airtel या Vodafone Idea की ओर से अक्टूबर-दिसंबर 2026 में टैरिफ बढ़ाने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
ग्राहकों के लिए क्या मायने?
फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव यह है कि कंपनियां पुराने सस्ते विकल्पों को धीरे-धीरे कम कर रही हैं और ग्राहकों को महंगे प्लान्स की ओर शिफ्ट कर रही हैं। ऐसे में अगर आने वाले महीनों में 10-15 फीसदी की संभावित टैरिफ बढ़ोतरी होती है, तो मोबाइल रिचार्ज का मासिक बजट और बढ़ सकता है।
नोट: अक्टूबर-दिसंबर 2026 में 10-15% संभावित बढ़ोतरी का आंकड़ा मीडिया/ब्रोकरेज अनुमानों पर आधारित है, इसे टेलीकॉम कंपनियों की आधिकारिक घोषणा न माना जाए।
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