PM Modi Red Fort Speech: AI से सेमीकंडक्टर तक… लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान
PM Modi Red Fort Speech 2026: 15 अगस्त 2026 को देश की 80वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस बार उनके भाषण में आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, युवाओं की स्किलिंग, ऊर्जा सुरक्षा और विकसित भारत का विजन प्रमुखता से दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सिर्फ दूसरे देशों से तकनीक और संसाधन लेने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि अपनी जरूरतों के लिए खुद मजबूत क्षमता तैयार कर रहा है। उन्होंने बीते वर्षों में देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए आत्मनिर्भरता को आने वाले समय की सबसे बड़ी ताकत बताया।
युवाओं के लिए AI की बड़ी तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में युवाओं से जुड़ा सबसे अहम ऐलान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर रहा। सरकार की योजना एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने की है। इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य में तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना है। AI का इस्तेमाल अब केवल बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार, कृषि, मीडिया और रोजगार जैसे क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।ऐसे में बड़ी संख्या में युवाओं को AI स्किल्स से जोड़ने का ऐलान रोजगार और डिजिटल क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को भी राहत
लाल किले से प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने की बात कही। इसका फायदा खासतौर पर उन विद्यार्थियों को मिल सकता है जो बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग नहीं कर पाते। ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
सेमीकंडक्टर में भारत का अगला बड़ा कदम
आज मोबाइल फोन से लेकर कार, मेडिकल उपकरण, कंप्यूटर और रक्षा तकनीक तक—लगभग हर आधुनिक क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की भूमिका अहम है। प्रधानमंत्री ने इसी वजह से भारत की चिप मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया।
भाषण में बताया गया कि देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन की दिशा में काम आगे बढ़ चुका है और आने वाले समय में 7 से 8 नए प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य भारत को चिप निर्माण की वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाना और महत्वपूर्ण तकनीक के लिए विदेशी निर्भरता कम करना है।
स्टार्टअप और युवा इनोवेशन को ₹1 लाख करोड़ का सहारा
युवा उद्यमियों और नए आइडिया को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने ₹1 लाख करोड़ के इनोवेशन फंड का ऐलान भी किया। इसका फोकस ऐसे युवाओं और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है जो नई तकनीक और नए समाधान के जरिए देश की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। यानी आने वाले समय में केवल नौकरी खोजने वाले युवाओं के बजाय नौकरी और नए अवसर पैदा करने वाले युवाओं पर भी सरकार का जोर दिखाई देता है।
'आत्मनिर्भर भारत' के साथ मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को भी रेखांकित किया। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन और दूसरे क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन बढ़ने को उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। संदेश साफ है—भारत को केवल बड़ा बाजार नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब भी बनाना है।
ऊर्जा सुरक्षा को बताया भविष्य की बड़ी जरूरत
प्रधानमंत्री के संबोधन में ऊर्जा सुरक्षा भी अहम मुद्दा रही। दुनिया में बदलते हालात और संसाधनों को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत के लिए ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को महत्वपूर्ण बताया गया।
इसी व्यापक विजन के तहत भारत की ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और लंबे समय में देश की जरूरतों को घरेलू संसाधनों और तकनीक से पूरा करने की दिशा पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक ले जाने का लक्ष्य भी रखा।
'शक्ति की सप्तधारा' से विकास का रोडमैप
प्रधानमंत्री ने विकास के लिए 'शक्ति की सप्तधारा' का भी उल्लेख किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा उत्पादन, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई।
यानी सरकार का विजन केवल एक क्षेत्र को आगे बढ़ाने का नहीं, बल्कि अलग-अलग सेक्टरों को एक साथ मजबूत करके भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने का भरोसा
देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
2047 के विकसित भारत की ओर बड़ा संकल्प
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री मोदी का 80वें स्वतंत्रता दिवस का संबोधन तकनीक, आत्मनिर्भरता और युवाओं के भविष्य के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। AI से लेकर सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक, सरकार ने आने वाले वर्षों के लिए कई बड़े लक्ष्य सामने रखे। लाल किले से दिया गया संदेश यही रहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि देश के युवाओं, उद्यमियों, किसानों, वैज्ञानिकों और आम नागरिकों की भागीदारी से पूरा होगा।
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