Surya Grahan 2026: 12 या 13 अगस्त? कब लगेगा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं? जानें सूतक से जुड़ा पूरा सच
Surya Grahan 2026: 12 अगस्त को साल का आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। जानें भारत में ग्रहण का समय, दृश्यता, सूतक काल और ज्योतिषीय महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी।
साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होगा। ग्रहण की शुरुआत भारतीय समयानुसार 12 अगस्त की रात करीब 9:04 बजे होगी और इसका समापन 13 अगस्त की देर रात करीब 1:27 बजे होगा। इस दौरान ग्रहण का अधिकतम चरण रात करीब 11:16 बजे के आसपास रहेगा।
लेकिन इस सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों के बीच तारीख और सूतक काल को लेकर काफी भ्रम है। सवाल यह है कि ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा या 13 अगस्त को? क्या यह भारत में दिखाई देगा? और अगर भारत में नहीं दिखेगा तो क्या यहां सूतक काल भी मान्य होगा? आइए जानते हैं पूरी जानकारी।
12 अगस्त या 13 अगस्त, कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण की शुरुआत 12 अगस्त 2026 की रात होगी। भारतीय समय के अनुसार यह रात 9 बजकर 4 मिनट के आसपास शुरू होगा और ग्रहण की प्रक्रिया 13 अगस्त की रात 1 बजकर 27 मिनट के करीब समाप्त होगी।
यही वजह है कि कई जगहों पर इसकी तारीख को लेकर भ्रम देखने को मिल रहा है। आसान भाषा में समझें तो ग्रहण की तारीख 12 अगस्त है, लेकिन इसका समापन 13 अगस्त की रात को होगा।
कितने बजे शुरू होगा सूर्य ग्रहण?
भारतीय समय के अनुसार:
- ग्रहण प्रारंभ: 12 अगस्त, रात 9:04 बजे
- ग्रहण का अधिकतम चरण: रात 11:16 बजे के आसपास
- ग्रहण समाप्त: 13 अगस्त, रात 1:27 बजे के आसपास
- कुल अवधि: करीब 4 घंटे 23 मिनट
वैश्विक खगोलीय गणना के अनुसार ग्रहण 12 अगस्त को 15:34 UTC पर शुरू होगा और अलग-अलग स्थानों पर इसकी अवस्थाएं अलग-अलग समय पर दिखाई देंगी।
क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
नहीं। 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।
ग्रहण का पूर्ण चरण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस और स्पेन के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा। पुर्तगाल के कुछ क्षेत्रों में भी पूर्ण ग्रहण देखा जा सकेगा, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका समेत कई अन्य क्षेत्रों में ग्रहण आंशिक रूप में दिखाई देगा। इसलिए भारत में रहने वाले लोगों को इस ग्रहण का प्रत्यक्ष नजारा देखने को नहीं मिलेगा।
भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं?
क्योंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में पारंपरिक मान्यता के अनुसार इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा।
भारत के अलग-अलग शहरों के लिए उपलब्ध पंचांग गणनाओं में भी 12 अगस्त के ग्रहण को भारत में अदृश्य बताया गया है और सूतक को Not Applicable दर्शाया गया है।
इसका मतलब है कि भारत में इस ग्रहण को लेकर सामान्य धार्मिक गतिविधियों पर सूतक के कारण रोक नहीं मानी जाएगी। हालांकि, धार्मिक परंपराओं और व्यक्तिगत आस्था के अनुसार लोग अलग-अलग नियमों का पालन कर सकते हैं।
ज्योतिष में सूर्य ग्रहण का क्या महत्व है?
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, प्रतिष्ठा, नेतृत्व, प्रशासन और जीवन ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए सूर्य ग्रहण को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना माना जाता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूर्य से जुड़े विषयों पर प्रभाव की चर्चा की जाती है। हालांकि किसी व्यक्ति पर ग्रहण का प्रभाव केवल उसकी राशि देखकर तय नहीं किया जा सकता। जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति, भाव, अन्य ग्रहों के साथ संबंध और दशा-अंतर्दशा जैसे कई कारकों को ध्यान में रखकर ही व्यक्तिगत फलादेश किया जाता है।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे दावों से सावधान रहना चाहिए, जिनमें सिर्फ राशि के आधार पर किसी व्यक्ति के लिए निश्चित शुभ या अशुभ परिणाम की भविष्यवाणी की जाती है।
कैसे लगता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और चंद्रमा की छाया पृथ्वी के किसी हिस्से पर पड़ती है, तब सूर्य ग्रहण होता है।
सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या के आसपास ही संभव होता है, लेकिन हर अमावस्या को ग्रहण नहीं लगता। इसका कारण सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की कक्षाओं का झुकाव है। जब तीनों पिंड एक विशेष स्थिति में आ जाते हैं, तभी सूर्य ग्रहण का संयोग बनता है।
कैसा होगा 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण?
12 अगस्त 2026 का ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण है। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ स्थानों से सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह ढक देता है। उस क्षेत्र में दिन के समय कुछ देर के लिए आसमान असामान्य रूप से अंधेरा दिखाई दे सकता है।
हालांकि यह अनुभव केवल उन्हीं स्थानों पर होगा जहां ग्रहण का पूर्ण चरण वास्तव में दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां दिन में अंधेरा होने जैसा कोई प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।
ध्यान रखने वाली बात
सूर्य ग्रहण देखने के लिए हमेशा सुरक्षित सोलर-व्यूइंग उपकरण या प्रमाणित eclipse glasses का इस्तेमाल करना चाहिए। सामान्य धूप के चश्मे से सूर्य को सीधे देखना आंखों के लिए सुरक्षित नहीं है।
Disclaimer: इस लेख में ज्योतिषीय प्रभावों से संबंधित बातें धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य या निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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