फास्टैग के बाद अब बैरियर फ्री टोलिंग, जानिए क्या है नितिन गडकरी का पूरा प्लान?


 

 केंद्रीय रक्षा मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राज्य मार्ग को लेकर शुक्रवार को घोषणा की है कि नहीं एक प्रणाली आएगी जो आई पर आधारित होगी और मार्च 2027 तक लागू हो जाएगी।

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    हमारे देश में नितिन गडकरी के मंत्री बनने के बाद टोल प्लाजा को लेकर समय-समय पर विभिन्न नियम बनाए गए हैं। हाल ही में एक नया नियम बनाया गया है, जो मार्च 2027 तक लागू होगा। यह "बैरियर फ्री रूल" है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूरा प्लान बताया है।


क्या है सरकार का प्लान?

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों और उनके चालकों के लिए यह एक शानदार खबर है कि अब भारत में टोल की व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और बैरियर फ्री प्रणाली की ओर आगे बढ़ चुकी है और बढ़ने वाली है।


 यह प्रणाली कैसे करेगी काम?

    "ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026" में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि बैरियर फ्री टोलिंग प्रणाली पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होगी, जो लगभग मार्च 2027 तक लागू हो जाएगी। ऐसी उम्मीद है कि इसके बाद किसी भी वाहन को टोल प्लाजा पर इंतजार नहीं करना होगा। इससे देश के खजाने में करीब 10,000 करोड़ रुपये आने का भी अनुमान है।


और क्या होगा नया?

    साथ ही, सरकार "वन टैक्स" सुविधा भी शुरू करेगी, जिसमें वाहन चालकों के लिए फास्टैग खरीदना और उसमें अपना बैंक अकाउंट बदलना आसान हो जाएगा। नितिन गडकरी ने बताया कि यह योजना मार्च 2027 तक लागू हो जाएगी।

"ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026" को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि एएनपीआर और फास्टैग प्रणाली के जरिए भारत टोल प्लाजा पर रुकने की पुरानी व्यवस्था को खत्म कर सीधे आगे बढ़ने की दिशा में काम कर रहा है। भविष्य का राजमार्ग "इंटेलिजेंट, बाधारहित और पूरी तरह कैशलेस" होगा।


मार्च 2027 तक बदल जाएगा टोल प्लाजा का नियम-नितिन गड़करी 

    केंद्रीय रक्षा मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राज्य मार्ग को लेकर शुक्रवार को घोषणा की है कि नहीं एक प्रणाली आएगी जो आई पर आधारित होगी और मार्च 2027 तक लागू हो जाएगी।  उन्होंने यह भी बताया कि यह व्यवस्था कैसे काम करेगी। नई व्यवस्था टोल वसूली के लिए स्वचालित वाहन नंबर प्लेट यानी "एएनपीआर" और "फास्टैग" को आपस में एकीकृत करेगी। इससे टोल प्लाजा पर वाहनों के इंतजार का समय खत्म हो जाएगा।

    उम्मीद की जाती है कि जैसे 2014 में फास्टैग को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था और 2021 में इसे अनिवार्य कर दिया गया था। इसके कारण आज हमारे देश में 98प्रतिशत तक वाहन फास्टैग का उपयोग करते हैं और इसका टर्नओवर करोड़ों में पहुंच चुका है। वैसे ही इस प्रोजेक्ट को भी सफलता मिलेगी।

    पहले फास्टैग में लगभग 30 मिनट तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, जिसे अब काफी कम कर दिया गया है। फास्टैग का इस्तेमाल करने से लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर आसानी से यात्रा करते हैं, जहां पहले उन्हें काफी इंतजार करना पड़ता था।

    अब एक नया नियम आएगा, जिसकी जानकारी नितिन गडकरी ने दी है। अगर फास्टैग का बैंक बदलना चाहते हैं, तो पुराने फास्टैग को हटाकर नया फास्टैग लेने की जरूरत नहीं होगी।  केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी "ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026" में "वन टैग" नाम की नई सुविधा लॉन्च करेंगे। इसमें फास्टैग उपयोगकर्ता नया टैग खरीदने पर बिना वाहन से पुराना टैग हटाए अपना बैंक आसानी से बदल सकेंगे।


Fastag की तरह यह नवाचार है

    उन्होंने यह भी बताया कि यह व्यवस्था कैसे काम करेगी। नई व्यवस्था टोल वसूली के लिए स्वचालित वाहन नंबर प्लेट यानी "एएनपीआर" और "फास्टैग" को आपस में एकीकृत करेगी। इससे टोल प्लाजा पर वाहनों के इंतजार का समय खत्म हो जाएगा।

    उम्मीद की जाती है कि जैसे 2014 में फास्टैग को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था और 2021 में इसे अनिवार्य कर दिया गया था। इसके कारण आज हमारे देश में 98प्रतिशत तक वाहन फास्टैग का उपयोग करते हैं और इसका टर्नओवर करोड़ों में पहुंच चुका है। वैसे ही इस प्रोजेक्ट को भी सफलता मिलेगी।

    पहले फास्टैग में लगभग 30 मिनट तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, जिसे अब काफी कम कर दिया गया है। फास्टैग का इस्तेमाल करने से लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर आसानी से यात्रा करते हैं, जहां पहले उन्हें काफी इंतजार करना पड़ता था।


Tags: #Khabar_gawah #Toll    #National_highway  #Fastag  #Nitin_gadkari


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