सीकर के श्यामपुरा गांव के टाइल मिस्त्री कृष्ण कुमावत ने कौन बनेगा करोड़पति में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 लाख रुपये जीते। जानिए उनकी संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी
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राजस्थान के सीकर जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर टीवी के सबसे चर्चित क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की हॉट सीट तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। सीकर के श्यामपुरा गांव निवासी कृष्ण कुमावत ने अपनी मेहनत, लगन और सामान्य ज्ञान के दम पर KBC में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 लाख रुपये की राशि जीत ली।
कृष्ण पेशे से टाइल मिस्त्री हैं। रोजाना मेहनत-मजदूरी करने के बावजूद उन्होंने ज्ञान हासिल करने का जुनून नहीं छोड़ा। दिनभर काम करने के बाद वह रात में पढ़ाई और सामान्य ज्ञान बढ़ाने में समय लगाते थे। यही मेहनत आखिरकार उन्हें KBC के मंच तक ले गई।
50 लाख के सवाल तक पहुंचे कृष्ण
KBC में कृष्ण कुमावत ने एक के बाद एक सवालों का जवाब देते हुए शानदार खेल दिखाया। जब वह 50 लाख रुपये के सवाल तक पहुंचे तो उन्होंने सही जवाब देकर यह बड़ी रकम अपने नाम कर ली।
इसके बाद उन्होंने आगे जोखिम लेने के बजाय खेल से हटने का फैसला किया। इस तरह कृष्ण 50 लाख रुपये लेकर KBC से बाहर आए। उनकी इस उपलब्धि की खबर सामने आते ही सीकर और उनके गांव में खुशी का माहौल बन गया।
श्यामपुरा गांव में मनाया गया जश्न
कृष्ण की KBC यात्रा को देखने के लिए उनके गांव में भी खास इंतजाम किए गए थे। ग्राम पंचायत परिसर में बड़ी स्क्रीन लगाकर ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर कार्यक्रम देखा।
जैसे ही कृष्ण ने 50 लाख रुपये की राशि जीती, ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। तालियों और उत्साह के बीच गांव वालों ने कृष्ण की सफलता का जश्न मनाया।
संघर्षों के बीच जारी रखी पढ़ाई
कृष्ण कुमावत की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि आर्थिक परिस्थितियां उनके रास्ते में कभी रुकावट नहीं बनीं। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद उन्होंने सीखने और पढ़ने का सिलसिला जारी रखा।
वह दिन में टाइल लगाने का काम करते हैं और अपने खाली समय में सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पढ़ते और जानकारी हासिल करते हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि सफलता केवल बड़े संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि लगातार मेहनत और सीखने की इच्छा भी इंसान को बड़ी मंजिल तक पहुंचा सकती है।
युवाओं को दिया मेहनत और ज्ञान का संदेश
KBC में बड़ी जीत हासिल करने के बाद कृष्ण ने युवाओं को भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनका कहना है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय बिताने के बजाय इंटरनेट का इस्तेमाल नई चीजें सीखने और अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए करने की अपील की।
सीकर के लिए गर्व का पल
कृष्ण कुमावत की सफलता सिर्फ उनके परिवार और गांव के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सीकर जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। एक साधारण परिवार से आने वाले टाइल मिस्त्री का KBC जैसे बड़े मंच पर पहुंचना और 50 लाख रुपये जीतना उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।
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