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Posted by
Dr. Neeraj Meel
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विज्ञान भारती (विभा) सीकर विभाग आईईई प्रकाश भारती एवं प्रयास कोचिंग के संयुक्त तत्वाधान में अन्तराष्ट्रीय प्रकाश दिवस के उपलक्ष में एक व्याखान माला का आयोजन किया गया। श्री मनोज पारीक, सीकर जिला संयोजक, विभाने कार्यक्रम की रचना सभी के समक्ष प्रस्तुत की, 16 मई 1960 को वैज्ञानिक थिओडोरमे मन ने पहली बारसॉलिड स्टेट लेजर का सफल प्रदर्शन दुनिया के सामने किया था।आज हाई स्पीड कम्युनिकेशन, मेडीकल, इत्यादि को ई भी क्षेत्र लेजर के प्रयोग से अछूता नहीं है, जिस की प्रगति में इसका योगदान नहो।समाज में जनजाग्रति हेतु यूनेस्को (UNESCO) ने वर्ष 2018 में पहली बार अन्तराष्ट्रीय प्रकाश दिवस मनाने की पहल की और तब से प्रतिवर्ष इस दिन वैज्ञानिक जगत में कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं। कार्यक्रम में डॉ. ब्रजराज सिंह, विभाग प्रमुख, विभासीकर ने यह समझाने का प्रयास किया कि लेजर अन्य पारंपरिक प्रकाश स्रोतों से किस प्रकार भिन्न है, जो इसे इतना उपयोगी बनाता है। दूसरा व्याख्यान, मोदी विश्वविद्यालय के भौतिक विद डॉ. मोहित शर्मा ने विभिन्न सें सर उपकरणों के निर्माण के लिए फोटो निकक्रिस्टल फाइबर के उपयोग पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ संदीप शर्मा ने पूरे व्याख्यान का सारां शबहुत ही सरल शब्दों में प्रस्तुत किया।श्री अखिल दीक्षित और प्रयास कोचिंग परिवार से श्री महिपाल सिंह और श्री पर मे श्वरलाल ने स भी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में प्रयास कोचिंग के छात्र व छात्राओं के साथ-साथ चेतन जोशी एवं विज्ञान भारती के, डॉ. वीरेन्द्र, महेश शर्मा, गोपाल शर्मा, जय देवराठौर एवं दिनेश सोनी भी उपस्थित रहे।
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