फोटो- प्रतीकात्मक
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सीकर। किशन सिंह ढाका
स्मृति भवन, सीकर में केंद्रीय ट्रेड यूनियन की संयुक्त मीटिंग का आयोजन किया
गया जिसकी अध्यक्षता सीटू के भगवान सिंह बगड़िया व इंटक के महेंद्र सिंह ने
संयुक्त रूप से की। मीटिंग में 13 अप्रैल को जयपुर में हुई संयुक्त कन्वेंशन के
फैसलों पर सहमति जताते हुए विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र
की मोदी सरकार द्वारा लंबे संघर्षों के बाद मजदूर वर्ग द्वारा हासिल किए गए 44
श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में पूंजीपतियों के हक में बदला जा रहा है।
इन श्रम संहिताओं को लागू करने के बाद मजदूरों को कानून द्वारा मिलने वाली
सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा। पूंजीपति घरानों द्वारा लगातार 18 घंटे कार्य दिवस की मांग की जा रही है जिसको केंद्र की भाजपा सरकार व अनेक प्रांतो की बीजेपी सरकारें गुपचुप तरीके से आगे बढ़ा रही हैं। 8 घंटे की जगह कारखाने में 12 घंटे की शिफ्ट की जा रही है। |
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मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा का कवर कम हो जाएगा। सरकार की नियत
निर्माण श्रमिकों के कल्याण बोर्ड का पैसा हड़पने की भी है। वक्ताओं ने कहा कि
सरकार देश के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों बैंक, बीमा, कोयला, स्टील, बंदरगाह व एयरलाइंस का निजीकरण कर देश की धन
संपदा को चंद पूंजीपतियों के हाथों लूटाना चाह रही है। मीटिंग में निर्णय किया गया कि 20 मई को सभी यूनियनों के साथी अपने समर्थकों के साथ सुबह 11:30 बजे कल्याण सर्किल पर इकट्ठा होंगे और वहां से रैली निकालते हुए जिला कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर आम सभा की जाएगी।मीटिंग में सीटू जिला महामंत्री बृजसुंदर जांगिड़, एटक के प्रेम कुमार, इंटक के जय सिंह, राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन सीटू के सांवरमल यादव, झाबर सिंह तथा सागरमल सेवदा, बेफी के नेता बनवारी नेहरा, बकरा मंडी वाहन चालक यूनियन के अध्यक्ष रामचंद्र दुगोली, हाथ-थड़ी ठेला यूनियन के शकूर अहमद पठान एवं मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन सीटू के रूपेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। |
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