कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई NCERT की नई सामाजिक विज्ञान की किताब में भारतीय इतिहास से जुड़े कई ऐसे प्रसंगों को जगह दी गई है, जिनमें देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्ष और प्रतिरोध की कहानियां शामिल हैं।
नई किताब में महाराणा प्रताप के दिवेर युद्ध से लेकर रानी नायकी देवी, रानी रुद्रमा देवी और रानी अब्बक्का तक के प्रसंग शामिल किए गए हैं। इसके अलावा सेंगोल और चोल परंपरा, जाट विद्रोह और सिख गुरुओं से जुड़े महत्वपूर्ण अध्याय भी विद्यार्थियों को पढ़ने को मिलेंगे।
विदेशी आक्रमणों के साथ भारतीय प्रतिरोध की कहानी
इतिहास में विदेशी आक्रमणों और उनके शासन से जुड़े प्रसंग लंबे समय से पाठ्यक्रम का हिस्सा रहे हैं। लेकिन नई किताब में केवल आक्रमण और सत्ता परिवर्तन तक बात सीमित नहीं है। इसमें यह भी बताया गया है कि अलग-अलग समय पर भारतीय शासकों और समाज ने इन चुनौतियों का सामना किस तरह किया।
इसी बदलाव को लेकर कहा जा रहा है कि बच्चों को सिर्फ यह जानना जरूरी नहीं है कि भारत पर किसने शासन किया, बल्कि यह जानना भी जरूरी है कि उन परिस्थितियों में भारत के लोगों ने किस तरह संघर्ष किया और अपने राज्य, समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए क्या भूमिका निभाई।
महाराणा प्रताप और दिवेर युद्ध का प्रसंग
नई किताब में महाराणा प्रताप के संघर्ष को भी जगह दी गई है। इसमें वर्ष 1582 के दिवेर युद्ध का उल्लेख है, जो मेवाड़ और मुगल सत्ता के बीच संघर्ष से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रसंग माना जाता है। इसी तरह गुजरात की रानी नायकी देवी, काकतीय शासक रुद्रमा देवी और दक्षिण भारत की रानी अब्बक्का के संघर्षों को भी विद्यार्थियों के सामने रखा गया है।
बच्चों को अपने नायकों से जोड़ने की कोशिश
इस बदलाव को लेकर यह तर्क भी सामने आया है कि जब बच्चे अपने देश के महापुरुषों, योद्धाओं और वीरांगनाओं के संघर्ष और बलिदान के बारे में पढ़ते हैं तो उन्हें अपने इतिहास और विरासत को समझने का अवसर मिलता है। कहा गया कि जिन लोगों ने भारत के लिए संघर्ष किया, उनकी कहानियां बच्चों में साहस, आत्मविश्वास और देश के प्रति जुड़ाव की भावना पैदा करने वाली हो सकती हैं। इसलिए इतिहास में भारतीय नायकों के योगदान को पर्याप्त जगह मिलना जरूरी है।
सेंगोल से सिख इतिहास तक
नई किताब में सेंगोल और चोल परंपरा के अलावा सिख गुरुओं की शहादत, जाट विद्रोह और खालसा की स्थापना जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। इस तरह नई पाठ्यपुस्तक में इतिहास को केवल राजाओं और युद्धों की घटनाओं के रूप में देखने के बजाय प्रतिरोध, शासन, समाज और भारतीय परंपराओं के अलग-अलग पहलुओं से समझाने की कोशिश की गई है।
अब कक्षा 9 के विद्यार्थी भारतीय इतिहास के इन प्रसंगों को नई NCERT किताब के जरिए पढ़ेंगे और देश के अलग-अलग हिस्सों में संघर्ष करने वाले ऐतिहासिक किरदारों से परिचित होंगे।
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