नवरात्रि में मां का स्वागत कैसे करें? घटस्थापना से पहले जान लें ये जरूरी बातें

    नवरात्रि आते ही घरों में एक अलग ही रौनक दिखाई देने लगती है। पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, घर की सफाई होती है और मां दुर्गा के स्वागत के लिए पूजा स्थल सजाया जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में घटस्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। अगर इस नवरात्रि आप भी घर में मां की स्थापना करने जा रहे हैं तो पूजा शुरू करने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लेना बेहतर रहेगा। कलश स्थापना कब करें, पूजा की जगह कैसे तैयार करें और किन चीजों की जरूरत पड़ेगी, आइए जानते हैं।


11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि

    इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इसी दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना के साथ नवरात्रि की शुरुआत होगी।


सीकर में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

    सीकर में 11 अक्टूबर को घटस्थापना के लिए सुबह 6:28 बजे से 10:20 बजे तक का समय शुभ माना गया है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। मुहूर्त अलग-अलग स्थानों के पंचांग के अनुसार थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है। ऐसे में अपने स्थानीय पंचांग या पंडित से समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।


मां के स्वागत से पहले घर में क्या करें?

    घटस्थापना से पहले पूजा वाली जगह को अच्छी तरह साफ कर लें। जिस स्थान पर कलश और मां की तस्वीर या प्रतिमा रखनी है, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और उस पर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। पूजा स्थान को फूलों, आम के पत्तों या बंदनवार से अपनी सुविधा के अनुसार सजाया जा सकता है। मां के स्वागत के लिए बहुत ज्यादा सजावट या खर्च जरूरी नहीं है। साफ-सुथरा पूजा स्थल और श्रद्धा से की गई तैयारी ही सबसे खास है।


घटस्थापना के लिए पहले से तैयार रखें ये सामान

    कलश स्थापना के लिए जरूरी सामग्री पहले से जुटा लेना अच्छा रहता है। सामान्य तौर पर इसके लिए कलश, जल, मिट्टी, सप्तधान्य, नारियल, आम या अशोक के पत्ते, मौली, अक्षत, सुपारी, सिक्का, लाल कपड़ा और पूजा के फूल रखे जाते हैं। घर की परंपरा के अनुसार सामग्री में कुछ चीजें कम या ज्यादा भी हो सकती हैं।


ऐसे करें कलश की स्थापना

    सबसे पहले पूजा स्थल पर मिट्टी का पात्र रखें। उसमें साफ मिट्टी डालकर सप्तधान्य बोए जाते हैं। इसके बाद कलश में जल भरें और परंपरा के अनुसार उसमें सुपारी, सिक्का आदि रखें। कलश के ऊपर आम या अशोक के पत्ते रखें और फिर नारियल स्थापित करें। नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर मौली बांधी जा सकती है।कलश स्थापित करने के बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए पूजा और संकल्प करें। पूजा की विधि परिवार की परंपरा और मान्यता के अनुसार रखी जा सकती है।


अखंड ज्योत जलाएं तो इन बातों का रखें ध्यान

    नवरात्रि में कई घरों में नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलाने की परंपरा है। अगर आप भी अखंड ज्योत रखने वाले हैं तो दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें। उसके आसपास पर्दे, कपड़े या ऐसी कोई चीज न हो जो आग पकड़ सकती हो। घर में छोटे बच्चे हों तो दीपक की जगह को लेकर विशेष सावधानी रखें। अखंड ज्योत की नियमित निगरानी भी जरूरी है, ताकि पूजा के साथ घर की सुरक्षा का भी ध्यान बना रहे।


नौ दिनों में होगी मां के नौ रूपों की पूजा

    नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी और तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इसके बाद मां कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या देवी मंत्रों का पाठ कर सकते हैं। व्रत रखने वाले लोग अपनी क्षमता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करें।


मां का स्वागत दिखावे से नहीं, श्रद्धा से करें

    नवरात्रि में घर की सजावट और पूजा की तैयारियां अपनी जगह हैं, लेकिन इस पर्व की खूबसूरती सिर्फ इन चीजों में नहीं है। इन नौ दिनों में परिवार के साथ पूजा करना, घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखना और जरूरतमंद की मदद करना भी इस पर्व की भावना से जुड़ा है। मां के सामने अपनी इच्छाएं रखने के साथ-साथ परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और सभी के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना करें। मां का स्वागत घर में तभी पूरा माना जाएगा, जब पूजा के साथ मन में भी भक्ति और सकारात्मकता आए।

Tags: #Khabar_gawah    #Navratri    #Navratri-2026    #Hindu-festival    #Sprituality

हाल ही में प्रकाशित स्टोरी-

(आप हमें Facebook, X, Instagram, YouTube और Whatsapp पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)


Any Error? Report us

Contents May Subject to copyright 

Disclaimer: We cannot guarantee the information is 100% accurate  


Comments